फूलदेई: श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में 15 से 22 मार्च तक आठ दिवसीय अठुड महोत्सव का आयोजन

देहरादून। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में लुप्तप्राय होती जा रही लोकपर्व फूलदेई की परंपरा को पुनर्जीवित करते हुए पिछले एक दशक से मंदिर द्वारा आठ दिवसीय अठुड महोत्सव यानी फूलदेई पर्व बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। इस वर्ष भी महोत्सव का आयोजन 15 मार्च से 22 मार्च 2026 तक मंदिर परिसर में किया जाएगा।

श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के महंत अजय पुरी के मार्गदर्शन तथा बाबा विश्वनाथ जी की सद्प्रेरणा से आयोजित इस महोत्सव का उद्देश्य न केवल उत्तराखंड की समृद्ध लोकसंस्कृति को जीवित रखना है, बल्कि युवा पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक धरोहर से जोड़ना भी है। इस अवसर पर श्री काशी विश्वनाथ गुरुकुलम के विद्यार्थी पारंपरिक विधि-विधान के अनुसार लगातार आठ दिनों तक फ्योंली और अन्य स्थानीय पुष्पों को मंदिर के श्रीचरणों में अर्पित करेंगे। यह कार्यक्रम न केवल भक्ति और श्रद्धा का प्रतीक है, बल्कि समाज की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना का माध्यम भी है। अठुड महोत्सव में सहभागी विद्यार्थी अपनी पारंपरिक वेशभूषा में मंदिर परिसर में एकत्रित होकर फूलदेई के पारंपरिक गीतों का सामूहिक गायन करेंगे। इस वर्ष लगभग 30 विद्यार्थियों ने स्वैच्छिक पंजीकरण कर इस आयोजन में सक्रिय रूप से भाग लेने की पुष्टि की है।
महंत अजय पुरी के अनुसार यह महोत्सव युवा पीढ़ी को न केवल अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का प्रयास है, बल्कि लोकसंस्कृति और सामाजिक मूल्यों को संरक्षण देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। महोत्सव के दौरान आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक इस सांस्कृतिक आयोजन का हिस्सा बनकर उत्तराखंड की जीवंत लोकपरंपराओं का अनुभव कर सकेंगे। अठुड महोत्सव का यह आयोजन प्रदेश की लोकधरोहर के संरक्षण और संवर्धन में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जो आने वाले वर्षों में भी इसी प्रकार उत्साह और भक्ति के साथ आयोजित होता रहेगा।
