राजधानी में मुख्यमंत्री के जाममुक्त दून ड्रीम प्रोजेक्ट को पंख लगाते आईएएस बंशीधर तिवारी

देहरादून। राजधानी की सड़कों को जाममुक्त करने के एक बड़े प्रोजेक्ट को पंख लगने वाले हैं। इसके लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी को कमान सौंपी हैं। मुख्यमंत्री के इस जाममुक्त दून ड्रीम प्रोजेक्ट पर एमडीडीए ने इन्वेसर्स समिट निपटते ही काम करना शुरू कर दिया है। इसके लिए 145 करोड़ स्वीकृत करते हुए निविदा आमंत्रित कर दी हैं। जल्द शहर के इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट को एमडीडीए धरातल पर उतारेगा।
आढ़त बाज़ार शिफ्टिंग योजना पर काम शुरू
राजधानी में कई सालों से आढ़त बाजार को शिफ्टिंग की योजना पर कई आईएएस और आईपीएस अफसर काम कर चुके हैं। लेकिन किसी को भी सफलता नहीं मिली। इस मामले में युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिलचस्पी ली तो एमडीडीए के वीसी ने जिम्मेदारी लेते हुए प्रोजेक्ट पर काम किया जा रहा है। इसके साथ ही मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने आढ़त बाजार की शिफ्टिंग की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाए हैं। नए प्रस्तावित स्थल पर आढ़त बाजार के विकास के लिए बुधवार को एमडीडीए ने टेंडर आमंत्रित कर दिए हैं। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2023 के सफल संचालन के बाद एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने आढ़त बाजार की शिफ्टिंग का बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है। नए स्थल पर आढ़त बाजार को शिफ्ट करने के लिए करीब 145 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

मुख्यमंत्री धामी चाहते शहर को ट्रैफिक मुक्त
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी चाहते हैं कि शहर के इस सबसे बड़े बाटलनेक को शीघ्र व्यवस्थित और पूरी प्लानिंग के साथ दूर किया जाए। इसके लिए आढ़त बाजार को नए स्थल पर शिफ्ट करने के साथ ही सहारनपुर चौक से लेकर तहसील चौक तक सड़क के 1.55 किलोमीटर भाग को 24 मीटर तक चौड़ा किया जाना है। ताकि जाम की समस्या को दूर किया जा सके। एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के मुताबिक आढ़त बाजार की शिफ्टिंग के लिए जिला प्रशासन के साथ मिलकर प्रतिष्ठानों का सर्वे कराया गया था।योजना के तहत आढ़त बाजार शिफ्टिंग में 55 भवन आढ़तियों से संबंधित, जबकि 301 भवन सड़क चौड़ीकरण में आंशिक रूप से प्रभावित हो रहे हैं। एमडीडीए की 106वीं बोर्ड बैठक में आढ़त बाजार शिफ्टिंग के लिए 145 करोड़ रुपये (90 करोड़ भूमि अधिग्रहण व 55 करोड़ रुपये आढ़त बाजार के विकास को) का बजट भी पास कर दिया गया था। इस कवायद के साथ ही नए स्थल पर आढ़त बाजार का लेआउट तैयार कराने का काम शुरू करा दिया गया था। अब टेंडर आमंत्रित कर दिए जाने के बाद निर्माण की दिशा में भी कदम बढ़ा दिए गए हैं। टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही काम शुरू करा दिया जाएगा।
पटेलनगर में यहां बनेगा नया आढ़त बाज़ार
नए आढ़त बाजार के विकास के लिए पटेलनगर कोतवाली के पीछे की चयनित भूमि को आवास विभाग को राज्य कैबिनेट ने जुलाई माह में निश्शुल्क आवास विभाग को हस्तांतरित कर था। इसके साथ ही भू-उपयोग परिवर्तन में लगने वाले शुल्क समेत सड़क चौड़ीकरण के लिए लोनिवि के पक्ष में रजिस्ट्री के स्टांप शुल्क को भी माफ किया जा चुका है। सरकार की ओर से दी गई यह छूट करीब 260 करोड़ रुपये की है।
मुख्यमंत्री धामी का ड्रीम प्रोजेक्ट है यह
-भूमि हस्तांतरण, सर्किल रेट के मुताबिक 222.79 करोड़ रुपये की 7.7493 हेक्टेयर भूमि हस्तांतरित
-भूमि का उपयोग आवासीय व कुछ कृषि है, इसे कमर्शियल करने को 33.41 करोड़ रुपये का शुल्क माफ किया गया
-सहारनपुर चौक से तहसील चौक तक सड़क चौड़ीकरण के लिए शिफ्ट होने वाले कारोबारी व अन्य व्यापारी लोनिवि के पक्ष में रजिस्ट्री करेंगे। इसकी रजिस्ट्री में लगने वाले 3.31 करोड़ रुपये के स्टांप शुल्क को भी कैबिनेट ने माफ कर दिया है।
नए आढ़त बाजार में यह मिलेगी सुविधाएं
पटेलनगर में प्रस्तावित नए आढ़त बाजार स्थल में 60, 120, 180 व 240 वर्गमीटर के प्लाट तैयार किए जाएंगे। इसी के मुताबिक मुआवजे की गणना की जाएगी। उदाहरण के लिए यदि किसी कारोबारी का आढ़त बाजार में 120 वर्गमीटर की जगह थी और वह नए स्थल पर 60 वर्गमीटर की जगह चाह रहा है तो उसे शेष आकार के हिसाब से मुआवजा देने का प्रविधान किया गया है। इसी तरह आकार में कमी व अधिकता के हिसाब से गणना की गई। शहर के अन्य क्षेत्रों के आढ़ती भी नए बाजार में स्थल आवंटित करा सकते हैं। इसके लिए शिफ्टिंग के साथ प्लाट खरीद दोनों विकल्प उपलब्ध हैं।
