सरकारी विभागों पर बिजली बिल के ₹539.61 करोड़ बकाया, धामी ने भुगतान में तेजी लाने के दिए निर्देश

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के सरकारी विभागों पर लंबित विद्युत देनदारियों के समयबद्ध भुगतान के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने यूपीसीएल और पिटकुल की वित्तीय स्थिति मजबूत करने, लंबित भुगतान का निस्तारण करने और ऊर्जा क्षेत्र की विकास योजनाओं के लिए आवश्यक वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराने पर जोर दिया। 30 सितंबर 2026 तक प्रदेश के विभिन्न सरकारी विभागों पर बिजली बिलों के मद में करीब 539.61 करोड़ रुपये बकाया हैं।

गुरुवार को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित यूपीसीएल (उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड) और पिटकुल (पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड) की समीक्षा बैठक में दोनों निगमों की वित्तीय स्थिति, लंबित देनदारियों और विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। निगमों के प्रबंध निदेशकों ने मुख्यमंत्री को वित्तीय चुनौतियों और मौजूदा स्थिति की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकारी विभागों पर लंबित विद्युत बिलों के भुगतान के लिए ठोस कार्ययोजना बनाई जाए। साथ ही अनुपूरक बजट में स्वीकृत धनराशि के सापेक्ष करीब 166 करोड़ रुपये की शेष राशि उपाकालि को अवमुक्त करने के निर्देश भी दिए, ताकि संबंधित कार्यों और भुगतान की प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके।
सरकारी भवनों में प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाने पर जोर
बैठक में भारत सरकार की आरडीएसएस योजना के तहत सरकारी कार्यालयों और भवनों में स्थापित स्मार्ट मीटरों को प्रीपेड मोड में बदलने के लिए आवश्यक बजट आवंटन को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के साथ ही जरूरी प्रशिक्षण और अन्य व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की जाएं।
शीतकाल में निर्बाध बिजली आपूर्ति की तैयारी
प्रदेश में सर्दियों के दौरान बिजली की मांग बढ़ने की संभावना को देखते हुए निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक वित्तीय प्रावधानों पर भी चर्चा हुई। बैठक में मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना के अंतर्गत दैवीय आपदा से संबंधित कार्यों के भुगतान और पूंजीगत योजनाओं के लिए धनराशि की उपलब्धता के विषय पर भी विचार-विमर्श किया गया। इसके अलावा उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के बीच परिसंपत्तियों एवं देनदारियों के विभाजन से संबंधित ट्रांसफर स्कीम के तहत लंबित धनराशि, उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन के विभाजन से जुड़े वित्तीय मामलों और उपाकालि की ओर से कराए जा रहे ईपीसी कार्यों के भुगतान की समीक्षा की गई।
मुख्यमंत्री ने दोनों विद्युत निगमों को उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग करने, वित्तीय प्रबंधन में सुधार लाने और लंबित देनदारियों के निस्तारण के लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने ऊर्जा क्षेत्र की योजनाओं और विकास कार्यों की नियमित समीक्षा पर भी जोर दिया।
बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्धन, प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, प्रमुख सचिव मीनाक्षी सुंदरम, एमड़ी पीसी ध्यानी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।