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दून में खाद्य सुरक्षा पर सख्त कानून की मांग तेज, “हेल्दी उत्तराखंड , हेल्दी इंडिया ” अभियान ने उठाई आवाज

चारधाम अस्पताल के एमड़ी डॉ. केपी जोशी ने प्रधानमंत्री से की अपील—युवाओं के स्वास्थ्य से समझौता नहीं, मिलावटी खाद्य पदार्थों पर कड़ा एक्शन जरूरी

देहरादून। देश में सार्वजनिक स्वास्थ्य को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच खाद्य सुरक्षा का मुद्दा एक बार फिर प्रमुखता से उठाया गया है। देहरादून स्थित चारधाम अस्पताल के  एमड़ी वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. केपी जोशी ने “Healthy Uttarakhand, Healthy India” अभियान के माध्यम से इस गंभीर विषय पर व्यापक जागरूकता फैलाने के साथ-साथ केंद्र सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग की है।

डॉ. जोशी का कहना है कि भारत की युवा पीढ़ी देश का भविष्य है, लेकिन वर्तमान में बाजार में उपलब्ध मिलावटी और असुरक्षित खाद्य पदार्थ उनके स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बनते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि असुरक्षित भोजन न केवल शारीरिक बीमारियों को जन्म देता है, बल्कि इसका असर समाज की उत्पादकता और समग्र विकास पर भी पड़ता है।
चारधाम अस्पताल द्वारा शुरू किया गया यह अभियान लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और खान-पान में सावधानी बरतने के लिए प्रेरित कर रहा है। इस अभियान के तहत युवाओं को विशेष रूप से जागरूक किया जा रहा है ताकि वे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर सजग रहें और बीमारियों से बचाव कर सकें। डॉ. जोशी ने बताया कि देश में हर साल लाखों लोग खाद्य जनित बीमारियों का शिकार होते हैं, जिनमें बड़ी संख्या बच्चों और युवाओं की होती है। उन्होंने चिंता जताई कि बाजार में मिलावटी और दूषित खाद्य पदार्थों की खुलेआम बिक्री हो रही है, जो एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट का संकेत है।
इसी को देखते हुए उन्होंने भारत सरकार, विशेषकर प्रधानमंत्री से आग्रह किया है कि खाद्य सुरक्षा को लेकर कड़े और प्रभावी कानून लागू किए जाएं। इन कानूनों के तहत खाद्य उत्पादन, भंडारण और वितरण की पूरी प्रक्रिया पर सख्त निगरानी सुनिश्चित की जाए, ताकि आम जनता को सुरक्षित और शुद्ध भोजन मिल सके।


इसके साथ ही डॉ. जोशी ने सुझाव दिया कि खाद्य सुरक्षा को लेकर व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाए जाएं। स्कूलों, कॉलेजों और स्थानीय समुदायों को इसमें शामिल कर लोगों को सही खान-पान और खाद्य पदार्थों की पहचान के बारे में शिक्षित किया जाए। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि इस मुद्दे पर केवल चर्चा नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि “यदि हम आज अपने युवाओं के स्वास्थ्य की रक्षा नहीं करेंगे, तो देश का भविष्य खतरे में पड़ सकता है,”। उन्होंने आम जनता से भी इस मुहिम में जुड़ने की अपील करते हुए कहा कि अधिक से अधिक लोग इस पहल का समर्थन करें और सुरक्षित व स्वस्थ भारत के निर्माण में अपनी भागीदारी निभाएं।

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