चारधाम यात्रा-2026: 7000 पुलिसकर्मी तैनात, DGP की हाई-लेवल बैठक में सुरक्षा से ट्रैफिक तक सख्त प्लान

देहरादून।आगामी चारधाम यात्रा-2026 को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए उत्तराखण्ड पुलिस ने व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। पुलिस मुख्यालय में आयोजित हाई-लेवल बैठक में डीजीपी दीपम सेठ ने सुरक्षा, यातायात, भीड़ नियंत्रण और आपदा प्रबंधन की तैयारियों की गहन समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए।

डीजीपी दीपम सेठ ने कहा कि चारधाम यात्रा उत्तराखण्ड का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन है, जिसमें देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु आते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि “श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। यात्रा को हर हाल में सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाया जाएगा।”
इस बार चारधाम यात्रा-2026 को लेकर उत्तराखण्ड पुलिस पूरी तरह हाई अलर्ट मोड में है। हाईटेक निगरानी, भारी पुलिस बल, सख्त SOP और आपदा प्रबंधन की मजबूत तैयारी के साथ प्रशासन ने साफ संकेत दे दिए हैं कि यात्रा को हर हाल में सुरक्षित और सुचारू बनाया जाएगा।
7000 पुलिसकर्मी रहेंगे तैनात, 16 सुपर जोन में बंटी यात्रा
चारधाम यात्रा को लेकर इस बार सुरक्षा व्यवस्था को बेहद सख्त बनाया गया है। पूरे यात्रा क्षेत्र को 16 सुपर जोन, 43 जोन और 149 सेक्टर में बांटा गया है। लगभग 7000 पुलिसकर्मी 24×7 तैनात रहेंगे। 118 पार्किंग स्थल चिन्हित किए गए हैं। हर संवेदनशील स्थान, मंदिर परिसर और यात्रा मार्ग पर पुलिस की सख्त निगरानी रहेगी।
IG गढ़वाल होंगे नोडल अधिकारी,
चारधाम का कंट्रोल रूम से 24×7 मॉनिटरिंग की जाएगी।
चारधाम यात्रा के लिए राजीव स्वरूप को नोडल अधिकारी बनाया गया है। गढ़वाल रेंज कार्यालय में “एकीकृत चारधाम यात्रा कंट्रोल रूम” स्थापित किया गया है, जहां से यात्रा मार्ग, धामों और ठहराव स्थलों की 24 घंटे निगरानी होगी।
हाईटेक निगरानी: 1200 से ज्यादा CCTV और ड्रोन तैनात
धामों में 92 CCTV कैमरे और यात्रा मार्गों पर 1168 CCTV कैमरे लगेंगे। 15 ड्रोन से हवाई निगरानी
साथ ही हाईटेक रेडियो कम्युनिकेशन सिस्टम से हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी।
ATS तैनात, मॉक ड्रिल से परखी जाएगी तैयारी
सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए धामों में ATS (एंटी टेरर स्क्वॉड) की तैनाती की जाएगी। समय-समय पर मॉक ड्रिल आयोजित कर आपात स्थितियों से निपटने की तैयारी परखी जाएगी।
52 बॉटलनेक, 109 लैंडस्लाइड एरिया चिन्हित
यातायात को सुचारू रखने के लिए 52 बॉटलनेक प्वाइंट
109 भूस्खलन क्षेत्र, 274 दुर्घटना संभावित स्थल
61 ब्लैक स्पॉट पहले ही चिन्हित कर लिए गए हैं। इन जगहों पर विशेष सुरक्षा और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा।
यात्रियों के लिए खास इंतजाम
57 टूरिस्ट पुलिस सहायता केंद्र, 48 हॉल्टिंग पॉइंट्स
09 ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन सेंटर यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और मार्गदर्शन के लिए हर स्तर पर व्यवस्थाएं की गई हैं।
आपदा से निपटने के लिए NDRF, SDRF अलर्ट
किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए NDRF की 8 टीमें SDRF की 37 टीमें, 30 फायर सर्विस यूनिट, 32 जल पुलिस/गोताखोर, रणनीतिक रूप से तैनात रहेंगे।
मंदिर परिसरों में मोबाइल-कैमरा पर सख्ती
चारधाम मंदिर परिसरों में मोबाइल और कैमरा के उपयोग पर SOP का कड़ाई से पालन कराया जाएगा। साथ ही यूट्यूबर और कंटेंट क्रिएटर्स की गतिविधियों पर भी नजर रखी जाएगी।
सोशल मीडिया और साइबर ठगी पर सख्त नजर
भ्रामक सोशल मीडिया पोस्ट पर तुरंत कार्रवाई, फर्जी रजिस्ट्रेशन और हेली टिकट वेबसाइटों पर STF की निगरानी, यात्रियों को सही और प्रमाणिक जानकारी देने पर विशेष जोर दिया गया है।
बढ़ेगा ट्रैफिक, एक्सप्रेस-वे को लेकर भी प्लान तैयार
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे शुरू होने के बाद इस बार यात्रा में वाहनों की संख्या बढ़ने की संभावना है। इसे देखते हुए ट्रैफिक मैनेजमेंट के लिए विशेष रणनीति तैयार की गई है।
