चापड़ से गला रेतकर नृशंस हत्या, देहरादून पुलिस ने 3 दिन में चार्जशीट की तैयारी पूरी

देहरादून। कोतवाली नगर क्षेत्र के खुडबुड़ा इलाके में युवती की चापड़ से बेरहमी से गला काटकर की गई नृशंस हत्या के मामले में देहरादून पुलिस ने त्वरित और सख्त कार्रवाई करते हुए मात्र तीन दिनों के भीतर अभियुक्त के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी पूरी कर ली है। इस जघन्य हत्याकांड की विवेचना विशेष जांच टीम (SIT) द्वारा की गई, जिसमें 35 गवाहों को आरोप पत्र में शामिल किया गया है। पुलिस अब मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में ले जाकर अभियुक्त को कठोरतम सजा दिलाने की दिशा में कार्य कर रही है।
एसएसपी देहरादून अजय सिंह ने बताया कि यह घटना 02 फरवरी 2026 को सामने आई थी, जब खुडबुड़ा क्षेत्र में एक युवती की चापड़ से निर्मम हत्या की सूचना मिली। दिनदहाड़े हुई इस वारदात से पूरे शहर में सनसनी फैल गई थी। मौके पर भारी भीड़ एकत्र हो गई थी, जबकि पुलिस ने तत्काल क्षेत्र की घेराबंदी कर स्थिति को नियंत्रित किया।
अभियुक्त गिरफ्तार, न्यायिक अभिरक्षा में जेल जांच में हत्या में शामिल अभियुक्त की पहचान आकाश पुत्र कोमल राम, निवासी 46 मन्नू गंज, खुडबुड़ा मोहल्ला, कोतवाली नगर देहरादून के रूप में हुई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अभियुक्त को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जिला कारागार भेज दिया गया।
एसएसपी के निर्देश पर SIT का गठन मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी देहरादून ने पुलिस अधीक्षक नगर के पर्यवेक्षण में विशेष जांच टीम (SIT) गठित की। टीम ने घटनास्थल व आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की गहन जांच की और अभियुक्त की आवाजाही का पूरा रूट चार्ट तैयार किया। घटना में प्रयुक्त स्कूटी को भी कब्जे में लिया गया।
विवेचना के दौरान अभियुक्त द्वारा प्रयुक्त चापड़, घटना के समय पहने गए कपड़े, जूते, हेलमेट (जिस पर मृतका का खून पाया गया) तथा मृतका के कपड़ों को विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा गया। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य एकत्र किए, जिससे केस की कड़ियां मजबूत हुईं। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए मृतका का पोस्टमार्टम विशेषज्ञ डॉक्टरों के पैनल से कराया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, चश्मदीद गवाहों के बयान, फॉरेंसिक व इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को ई-साक्ष्य के रूप में विवेचना में शामिल किया गया है। एसएसपी अजय सिंह ने कहा कि यह मामला ‘Rarest of Rare’ की श्रेणी में आता है। पुलिस अभियोजन की ओर से अदालत में सशक्त पैरवी कर अभियुक्त को कठोरतम सजा दिलाने का प्रयास करेगी।
