देहरादून: ‘द लूम कलेक्टिव’ में गूंजा हथकरघा संरक्षण का संदेश, फर्स्ट लेडी गुरमीत कौर ने बढ़ाया कारीगरों का हौसला

देहरादून। आर्याना क्रिएशंस की ओर से आयोजित दो दिवसीय हैंडलूम एवं एथनिक फैशन उत्सव ‘द लूम कलेक्टिव’ के दूसरे एवं अंतिम दिन उत्तराखण्ड की प्रथम महिला गुरमीत कौर ने कार्यक्रम में शिरकत कर दीप प्रज्ज्वलित करते हुए शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने हथकरघा और उससे जुड़े कारीगरों के सशक्तिकरण पर जोर देते हुए कहा कि भारत की समृद्ध हैंडलूम विरासत को संरक्षित करना समय की आवश्यकता है।

अपने संबोधन में गुरमीत कौर ने कहा कि हथकरघा केवल एक उद्योग नहीं, बल्कि देश की सांस्कृतिक पहचान है। बदलते दौर में लोग इस परंपरागत कला से दूर होते जा रहे हैं, क्योंकि इसमें अत्यधिक मेहनत के बावजूद कारीगरों को उनकी मेहनत के अनुरूप पारिश्रमिक नहीं मिल पाता। उन्होंने कहा कि हथकरघा के पीछे काम करने वाले हाथों को मजबूत बनाने के लिए सरकार, समाज और संस्थाओं को मिलकर प्रयास करने होंगे। उन्होंने सुझाव दिया कि इस प्रकार के आयोजन नियमित रूप से किए जाएं तथा ग्रामीण क्षेत्रों को भी इससे जोड़ा जाए। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने विभिन्न स्टॉलों पर प्रदर्शित हैंडलूम उत्पादों का अवलोकन कर कारीगरों का उत्साहवर्धन भी किया। आर्याना क्रिएशंस की रश्मि बर्द्धन ने कहा कि भारतीय हथकरघा और हस्तशिल्प कला को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि आयोजन का उद्देश्य स्थानीय बुनकरों और कारीगरों को मंच उपलब्ध कराना, उनके उत्पादों को प्रोत्साहन देना तथा उत्तराखण्ड सहित देश के हस्तकरघा उत्पादों को राष्ट्रीय और वैश्विक पहचान दिलाना है।

कार्यक्रम के दूसरे दिन आयोजित पैनल चर्चा विशेष आकर्षण का केंद्र रही। विशेषज्ञों और पैनलिस्टों ने हथकरघा एवं हस्तशिल्प क्षेत्र की चुनौतियों, कारीगरों की आजीविका तथा इस क्षेत्र के सतत विकास पर विस्तृत विचार-विमर्श किया। चर्चा में हथकरघा के लिए मजबूत इकोसिस्टम विकसित करने, पशुपालकों के लिए बेहतर पशु चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा कारीगरों के बच्चों को तकनीकी प्रशिक्षण देकर उन्हें आधुनिक बाजार की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने पर विशेष बल दिया गया।
आयोजकों ने विश्वास जताया कि ऐसे आयोजनों से न केवल पारंपरिक हस्तकरघा कला को नई पहचान मिलेगी, बल्कि स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों के लिए रोजगार एवं बाजार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
