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बदरी केदार में यात्रियों की संख्या में उछाल, गंगोत्री यमुनोत्री में गिरा ग्राफ

डॉ बृजेश सती, वरिष्ठ पत्रकार

तीर्थ स्थलों की अपनी विशिष्ट परम्पराएं और मान्यताएं हैं। जो साधारण स्थानों इन्हें अलग करती है। चार धाम तीर्थ यात्रा का विधान अनादिकाल से है। ये सभी तप, ज्ञान, साधना, संकल्प, सिद्ध और योग के केन्द्र रहे हैं।
बदलते सामाजिक परिवेश के दौर में यात्रा के रूप में बदलाव आया है। यात्री सुविधाओं का खासा विकास हुआ है। सड़क, रेल, वायु मार्ग से आसानी से यहां पहुंच सकते हैं।
पैदल यात्रा के दौर में यात्री विभिन्न हालातो से गुजर कर यहां पहुंचता था। यह यात्रा कई दिनों की होती थी। पहले यात्री उम्र के चौथे पड़ाव में मोक्ष प्राप्त के लिए आते थे। अब बदली स्थितियों में युवाओं की तादाद ज्यादा है।
20वीं सदी के शुरुआती दशक में एक यात्रा काल में 50 हजार तीर्थ यात्री आते थे। अब आंकड़ा पचास लाख पार कर गया है। वर्ष 2025 के यात्रा काल में उत्तराखंड स्थित चार धामों में 48 लाख 31 हजार 905 यात्रियों ने दर्शन किए। जबकि पिछले वर्ष 46 लाख 17 हजार 445 यात्री चार धाम यात्रा पर आए थे । इस यात्रा काल में 2 लाख 14 हजार 460 यात्री ज्यादा पहुंचे। इस बार यात्रियों की संख्या में पिछले साल की तुलना में 4.5 प्रतिशत का इजाफा हुआ। हालांकि गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में इस साल कम यात्री आए। यात्रा मार्ग का लंबे समय तक अवरुद्ध रहना, इसकी मुख्य वजह रही।
चार धाम यात्रा के दूसरे चरण में भारी बरसात, भूस्खलन, धराली और यमुनोत्री घाटी में आई आपदा के कारण लंबे समय तक गंगोत्री, यमुनोत्री धाम में यात्रियों का आवागमन ठप रहा। बदरीनाथ धाम में इस यात्रा काल में 16 लाख 60 हजार 224, केदारनाथ में 17लाख 68 हजार 795 यात्रियों ने दर्शन किए। गंगोत्री में 7लाख 58 हजार 250 यात्रियों ने दर्शन किए। जबकि यमुनोत्री धाम में 6,4 4637 यात्री पहुंचे। पिछले वर्ष की तुलना में गंगोत्री में 57,024 यात्री, जबकि यमुनोत्री में 70 हजार 119 यात्री कम आए।वर्ष 2025 में सबसे अधिक यात्रा अवधि बदरीनाथ धाम में रही। इस साल कपाट खुलने से लेकर बंद होने तक कुल 206 दिन यात्रा संचालित हुई। जबकि पिछले वर्ष यह 191 दिन रही। इसी तरह केदारनाथ में इस साल 174 दिन यात्रा रही, जबकि पिछले साल 178 दिन थी। गंगोत्री में 175 दिन और यमुनोत्री में 176 दिन यात्रा अवधि रही।

वर्ष 2024 की तुलना में अधिक पहुंचे यात्री

वर्ष 2024 की तुलना में इस यात्रा काल में अधिक यात्री दर्शन को पहुंचे। यदि धाम के अनुसार प्रतिदिन यात्रियों की तुलना की जाए तो इस यात्रा बार अधिक यात्री पहुंचे। 2024 में बदरीनाथ धाम आने वाले यात्रियों की संख्या 7360 रही। केदारनाथ धाम में एक दिन में 9327, गंगोत्री में 4658 और यमुनोत्री में 4061 यात्री एक दिन में दर्शन के लिए पहुंचे। वर्ष 2024 में सबसे अधिक 195 दिन बदरीनाथ मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खुले रहे। जबकि केदारनाथ 178 दिन, गंगोत्री 175 दिन और यमुनोत्री 176 दिन यात्रा संचालित की गई।

केदारनाथ में सबसे ज्यादा तो यमुनोत्री में कम आए यात्री

वर्ष 2025 के यात्रा काल में केदारनाथ धाम में दर्शन करने वाले यात्रियों की संख्या सर्वाधिक रही। यहां प्रतिदिन 10 हजार से अधिक यात्रियों ने दर्शन किए। जबकि सबसे कम यात्री यमुनोत्री धाम पहुंचे यहां साढ़े तीन हजार यात्री एक दिन में पहुंचे। यदि धामों में प्रतिदिन यात्रियों के औसत की बात करें, तो सबसे अधिक केदारनाथ धाम में 10 हजार 165 यात्रियों ने दर्शन किए। जबकि एक दिन में बदरीनाथ धाम में दर्शन करने वाली यात्रियों की संख्या 8098 रही। गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में पिछले वर्ष की तुलना में अपेक्षाकृत संख्या कम रही। गंगोत्री में प्रतिदिन का औसत 4332 दर्ज किया गया। जबकि यमुनोत्री में 3662 यात्री एक दिन में दर्शन को पहुंचे।

एक दिन में 26 हजार रहा, यात्रियों का औसत

तीर्थ यात्रियों की संख्या के हिसाब से इस बार बदरीनाथ और केदारनाथ धाम में पिछले वर्ष की तुलना में यात्रियों का रुझान ज्यादा रहा। चारों धामों में प्रतिदिन 26,247 यात्रियों ने दर्शन किया। जबकि पिछले साल में यह संख्या 25,406 थी। आंकड़ों के अध्ययन से निकले निष्कर्ष के अनुसार इस बार चारों धामों में 851 यात्री प्रतिदिन अधिक आए। यदि प्रति माह में यात्रियों की संख्या का तुलनात्मक अध्ययन किया जाय तो इस बार एक महीने में 7 लाख 8 हजार 710 यात्री आए। जबकि पिछले यात्रा काल में यह संख्या 7 लाख 6 हजार 180 थी।

दक्षिण भारत से अपेक्षाकृत कम यात्री पहुंचे

इस बार यात्रा काल के पहले चरण में 30 अप्रैल से 5 जुलाई के बीच दक्षिण भारतीय राज्यों से कुल 5 लाख 29 हजार 564 यात्री चार धाम यात्रा पर आए। इसमें सबसे अधिक यात्री आंध्र प्रदेश से और सबसे कम यात्री केरल राज्य से चार धाम पहुंचे। आंध्र प्रदेश से 2 लाख 66 हजार 362 , इसके बाद कर्नाटक राज्य से 1 लाख 22 हजार 791 , तेलंगाना से 94 हजार 592 तमिलनाडु से 37 हजार 598 और केरल राज्य से केवल 8 हजार 221 यात्री चार धाम यात्रा पर आए। दक्षिण भारत के पांच राज्यों से उत्तराखंड स्थित चार धाम आने वाली यात्रियों का प्रतिशत 12 रहा।

गंगोत्री में 14 और यमुनोत्री में 10 फीसद की कमी
गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में इस यात्रा काल में यात्रियों की संख्या में गिरावट दर्ज की गई। यमुनोत्री में पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष 10% यात्री कम आए । जबकि गंगोत्री धाम में यात्रियों की कमी का प्रतिशत 14 रहा।
बदरीनाथ में 13 प्रतिशत का इजाफा दर्ज किया गया, जबकि केदारनाथ में 7 फीसद यात्री पिछले वर्ष की तुलना में अधिक आए।

यूपी से पहुंचे सबसे अधिक यात्री

धाम में पहुंचे यात्रियों की कुल संख्या से मिले इनपुट के मुताबिक उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र,मध्य प्रदेश और राजस्थान इन चार राज्यों से सबसे अधिक यात्री चार धाम यात्रा पर आए। लगभग 54 प्रतिशत यात्री इन्हीं चार राज्यों से पहुंचे।
पर्यटन विभाग की ओर से मिले जुलाई माह तक के आंकड़ों के मुताबिक उत्तर प्रदेश से 17.5 फीसद, महाराष्ट राज्य से 14.01 मध्य प्रदेश से 12.9 और राजस्थान से आने वाले यात्रियों का प्रतिशत 9 रहा। जहां तक राज्यों की बात है तो इस बार सबसे कम यात्री मणिपुर से केवल 8 यात्री पहुंचे । यह सभी यात्री गंगोत्री धाम में दर्शन के लिए आए।
उत्तराखंड चार धाम तीर्थ महापंचायत की अध्यक्ष एवं गंगोत्री मंदिर समिति के सचिव सुरेश सेमवाल का कहना है कि यात्रियों के आने का यही ट्रेंड रहता है। लेकिन इस बार गुजरात राज्य से अपेक्षाकृत कम यात्री पहुंचे। वह बताते हैं कि सितंबर और अक्टूबर में गुजरात , महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल से ज्यादा यात्री आते हैं। थराली आपदा के कारण सितंबर माह में यात्रा प्रभावित रही। गंगोत्री यमुनोत्री में यात्रियों की कमी के बारे में बताते हुए यमुनोत्री मंदिर समिति के प्रवक्ता पुरुषोत्तम उनियाल बताते हैं कि जुलाई और अगस्त माह में यमुना घाटी में भारी बरसात के कारण भूस्खलन और यात्रा मार्ग बाधित होने के कारण यात्री पिछले साल की तुलना में कम आए।

 

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