नए गौरव चिह्नों से सजेगी उत्तराखंड पुलिस की पहचान, मुख्यमंत्री धामी ने किया अनावरण

देहरादून। उत्तराखंड पुलिस अब नई पहचान और नए गौरव चिह्नों के साथ नजर आएगी। राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित सभागार में उत्तराखंड पुलिस के नवीन ध्वज, प्रतीक चिह्न, फॉरमेशन साइन, इंसिग्निया, क्रेस्ट और सेरेमोनियल वर्दी का अनावरण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को राष्ट्रीय एकता की शपथ भी दिलाई। पुलिस की नई पहचान को प्रदेश की गौरवशाली परंपराओं, शौर्य, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा से जोड़ते हुए इसे बदलती चुनौतियों के अनुरूप महत्वपूर्ण पहल बताया गया।
मुख्यमंत्री धामी ने पुलिस अधिकारियों एवं जवानों को बधाई देते हुए कहा कि पुलिस की पहचान को नया स्वरूप देना महज प्रतीकों और वर्दी में बदलाव नहीं है, बल्कि यह पुलिस बल के गौरवशाली इतिहास और मूल आदर्शों को और मजबूत करने का प्रयास है। नए प्रतीक पुलिसकर्मियों को गौरव के साथ उनकी जिम्मेदारियों का भी एहसास कराएंगे। उन्होंने कहा कि नई पहचान का वास्तविक सम्मान तभी होगा, जब प्रत्येक नागरिक को पुलिस के व्यवहार में संवेदनशीलता, कार्यप्रणाली में दक्षता और कार्रवाई में निष्पक्षता दिखाई देगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में स्मार्ट पुलिसिंग की अवधारणा को साकार करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य सरकार की प्राथमिकता उत्तराखंड पुलिस को आधुनिक तकनीक से सुसज्जित, अधिक प्रशिक्षित और सक्षम बनाना है। उन्होंने पुलिस के नए ध्येय वाक्य ‘कर्म सत्यं शौर्यम्’ को कर्तव्यनिष्ठा, सत्यनिष्ठा और साहस का प्रतीक बताते हुए कहा कि प्रत्येक पुलिस अधिकारी और जवान को इन आदर्शों को अपने आचरण और कार्यशैली में उतारना होगा। वर्दी का सम्मान आचरण से और जनता का विश्वास सेवा से मजबूत होता है।
6 नवंबर को मिलेगा राष्ट्रपति पुलिस कलर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के लिए यह गौरव का विषय है कि आगामी 6 नवंबर को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह उत्तराखंड पुलिस को प्रतिष्ठित ‘राष्ट्रपति पुलिस कलर’ से अलंकृत करेंगे। इस ऐतिहासिक अवसर पर उत्तराखंड पुलिस के जवान नई सेरेमोनियल वर्दी में परेड में प्रतिभाग करेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि नई पहचान के साथ उत्तराखंड पुलिस जनसेवा, अनुशासन, दक्षता और कर्तव्यनिष्ठा के नए मानक स्थापित करेगी।
प्रतीक चिह्न में हिमालय और नदी को मिली जगह
उत्तराखंड पुलिस के नए प्रतीक चिह्न को प्रदेश की भौगोलिक और सांस्कृतिक पहचान के अनुरूप तैयार किया गया है। इसमें अशोक स्तंभ, ‘सत्यमेव जयते’, स्वर्णिम लॉरेल रीथ, हिमालय और नदी को शामिल किया गया है। ये प्रतीक राष्ट्रीय गौरव, सत्य, न्याय, उत्कृष्टता और उत्तराखंड की विशिष्ट पहचान को प्रदर्शित करते हैं। पुलिस के पुराने तीन रंगों वाले क्षैतिज ध्वज के स्थान पर अब गहरे नीले रंग की पृष्ठभूमि वाला नया ध्वज अपनाया गया है। इसके मध्य में नवीन पुलिस प्रतीक चिह्न के साथ लाल और स्वर्णिम किनारे रखे गए हैं। इसी अनुरूप पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की वर्दी पर लगाए जाने वाले फॉरमेशन साइन, इंसिग्निया और क्रेस्ट को भी नया स्वरूप दिया गया है।
पारंपरिक खाकी वर्दी को बरकरार रखते हुए सेरेमोनियल वर्दी में बहुरंगी सैश, अलंकरण और परेड से संबंधित विशिष्ट साज-सज्जा को शामिल किया गया है। इससे पुलिस की औपचारिक और गौरवपूर्ण उपस्थिति को नया स्वरूप मिलेगा।
18 साल बाद बदला पुलिस ध्वज
उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड पुलिस के ध्वज का पिछली बार 4 अप्रैल 2008 को अनावरण किया गया था। बदलती परिस्थितियों, आधुनिक पुलिसिंग और पुलिस बल के बढ़ते दायित्वों को देखते हुए नए गौरव चिह्न तैयार किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने 21 अक्टूबर 2026 को इन नवीन प्रतीकों के स्वरूप को अनुमोदन प्रदान किया था। अब 31 अक्टूबर को विधिवत अनावरण के साथ उत्तराखंड पुलिस की नई पहचान सामने आ गई है।.कार्यक्रम में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली, महानिदेशक पीवीके प्रसाद, महानिदेशक अभिसूचना एवं सुरक्षा अभिनव कुमार, अपर पुलिस महानिदेशक अपराध एवं कानून व्यवस्था डॉ. वी. मुरुगेशन, सचिव दिलीप जावलकर, आर. राजेश कुमार, पंकज पांडेय, पुलिस महानिरीक्षक रिधिम अग्रवाल सहित शासन एवं पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।